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सामाजिक विज्ञान नोट्स -रीट 2022 -बीकानेर के राठोड

राठोड सत्ता से पहले बीकानेर का भू भाग जंगल प्रदेश के किनारे के नेम से जाना जाताथा । बीकानेर में राठोड सत्ता का दूसरा केंद्र था ।

राव बीका

  • ये राव जोधा का पुत्र था ।
  • इसके द्वारा ही बीकानेर में राठोड वंश की स्थापना की गई थी ।
  • इसने अपना साम्राज्य करनी माता के आशीर्वाद से प्राप्त किया था ।
  • इसने अपनी पहली राजधानी कोडसदेसर को बनाया था ।
  • इसने 1465 में बीकानेर रियासत की स्थापना की थी ।
  • राव बिका ने 1488 में राती घाटी स्थान पर बीकानेर नगर बसाया था । बीकानेर को इसी के साथ दूसरी राजधानी बनाया था ।
  • इसके द्वारा बीकानेर दुर्ग की नीव राखी गई । जबकि बीकानेर के जूनागढ़ दुर्ग को पूरा राय सिंह के द्वारा कराया गाया था ।

लूणकरणसर

  • ये बिका का पुत्र था ।
  • इसको बिठू राजा के ग्रंथ राव जेतसी रो छंद में कलियुग का कर्ण कहा गाया हैं ।
  • इसको द्वारा लूनकरन्सर कस्बा बसाया गाया था ।
  • इसको राजस्थान का राजकोट भी कहा जाता हैं ।
  • इसने लूणकरन्सर झील का भी निर्माण करवाया था ।
  • बीकानेर में लक्ष्मी नारायण मंदिर का निर्माण करवाया था ।

राव जैतसी

  • इनके पिता लूणकरन्सर थे ।
  • इनके शासन काल के समय मुगल शासक बाबर था ।
  • बाबर के पुत्र कामरान ने आक्रमण किया ओर राव जैतसी को अपना साम्राज्य सोपकर चल गाया था । कुछ समय बाद राव जैतसी के द्वारा कामरान पर हमला कर दिया गया ओर फिर से अपना साम्राज्य प्राप्त कर लिया ।
  • पाहेबा साहेबा का युद्ध भी मालदेव ओर जैतसी के मध्य लड़ गया जिसमे मालदेव विजयी रहा ।
  • इस युद्ध में जैतसी घायल हो जाने के कारण 1542 में इसकी मृत्यु हो गई ।
  • 1542-1544 तक मालदेव का शासन रहा ।

राव कल्याणमल

  • ये राव जैतसी का पुत्र था ।
  • कल्याणमल ओर शेरशाह सूरी व विरंदेव की सहायता से अपना राज्य प्राप्त किया ।
  • इसी कारण राव कल्याणमाल ने गिरी सुमेल युद्ध में शेरशाह सूरी का साथ दिया था ।
  • ये बीकानेर का वह शासक था जिसने मुगलों की अधीनता स्वीकार की थी ।
  • इसके दो पुत्र थे
    • रायसिंह
    • पृथ्वीराज राठोड
  • इसने पृथ्वीराज राठोड को अकबर की सेवा में भेज दिया था ।
  • ये पृथ्वी राज राठोड अकबर का दरबारी कवि था ।
  • पृथ्वीराज राठोड की प्रसिद्ध रचना “बेली कृष्ण रुक्मिणी री वचनिका ” हैं ।
  • कवि दुरस आडा ने इसका ग्रंथ को पाचवा वेद ओर 19वा पुराण कहा था ।
  • इतिहासकार “एल पी टेससी टोरी ” ने पृथ्वीराज राठोड को डिंगल का हेरोस कहा था ।
  • कन्हैया लाल सेठिया ने “पाथल पीथल ” की उपाधि दी ।
  • यहाँ पाथल महाराणा प्रताप ओर पीठल पृथ्वी राज राठोड को कहा गया ।

राय सिंह

  • ये कल्याणमल का पुत्र था ।
  • रायसिंघ ने अपने पिता के साथ मिलकर 1570 में नागौर दरबार में मुगलों की अधीनता स्वीकार कर ली थी ।
  • इसको 1572 में अकबर के द्वारा जोधपुर का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया था ।
  • ये राजस्थान का दूसरा वह शासक हैं जिसने मुगलों के साम्राज्य विस्तार में सर्वाधिक साथ दिया था । सबसे ज्यादा मान सिंह ने ये किया ।
  • जहांगीर के द्वारा राय सिंह को 5000 मनसब प्रदान किया गाया था । जो सबसे ज्यादा था । जबकि अकबर के द्वारा मान सिंह को 7000 मनसब दिया गाया था जो की सर्वाधिक था ।
  • रायसिंह के द्वारा बीकानेर दुर्ग का निर्माण कार्य पूरा करवाया गाया था । इस दुर्ग की नीव राव बीका ने राखी थी ।
  • रायसिंह को मुंशी देवी प्रसाद ने राजपुताने का कर्ण कहा था ।

कर्ण सिंह

  • इसे जांगलधार बादशाह भी कहा जाता हैं ।
  • ये सूरसिंह का पुत्र था ।
  • इसके समकालीन मुगल बादशाह शाहजहाँ ओर औरेनगजेब था ।
  • इसको राजपूत शासकों द्वारा जांगलधार बादशाह की उपाधि दी गई थी ।
  • कर्णसिंह ने अपने सिक्कों पर जय जालंधर लिखवाया था ।
  • कर्णसिंह ने देशनोक में करनी माता जिसे चूहों की माता भी कहा जाता हैं का निर्माण करवाया था ।
  • मतिरे की राड कर्ण सिंह ओर अमर सिंह के बीच हुई जिसमे अमर सिंह विजयी रहा ।
  • कर्णसिंह का दरबारी कवि गंगानन्द मैथिल था जिसकी रचना “कर्ण भूषण” ओर “काव्य डाकिनी ” हैं ।

अनूप सिंह

  • ये कर्णसिंह का पुत्र था ।
  • इसके समकालीन औरंगजेब था ।
  • औरेनगजेब ने अनूप सिंह को बीजापुर अभियान के लिए भेज था । जिसमे सफल होने का बाद औरेनगजेब ने अनूपसिंह को महाराजा ओर माही भरतिव ” की उपाधि दी थी ।
  • अनूप सिंह खुद एक विद्वान था व विद्वानों का आश्रय दाता भी था ।
  • अनूप सिंह ने निम्न रचना लिखी
    • अनूप विलास
    • अनूप भूषण
    • अनूप विवेक
  • अनूप सिंह का दरबारी कवि – परिभण था । ” राजकुमार अनूप री बेली ” की रचना की थी ।

सूरत सिंह

  • 1805 में भटनेर दुर्ग पर आक्रमण किया था ।
  • पूर्वी इंडिया कॉम्पनी के साथ संधि कर ली थी ।
  • मेवाड़ में EAST INDIA COMPANY के साथ मन सिंह ने ओर मारवाड़ में भीमसिंह ने एस किया ।
  • 1805 में भटनेर दुर्ग पर आक्रमण किया ओर उसका नम बदलकर हनुमानगढ़ दुर्ग कर दिया था क्योंकि ये हनुमान जी का भक्त था । ओर वह मंगलवार के दिन जीत था ।
  • सूरत सिंह ही बीकानेर का वह शासक था जिसने पूर्वी इंडिया कंपनी के साथ संधि कर ली थी ।
  • 1857 की क्रांति के समय बीकानेर का शासक सरदार सिंह था । जिसने राज्यों के बाहर भी सेना भेजकर अंग्रेजों की सहायता की हटी । अंग्रेजों ने इनको टिपपी परगना इनको उपहार में दिया था ।
  • राजस्थान एकीकरण के समय बीकानेर का शासक शार्दूल सिंह था ।

गंगा सिंह

  • ये लाल सिंह का पुत्र था ।
  • गंगा सिंह को आधुनिक भारत का भागीरथ ओर राजस्थान का भागीरथ भी कहते हीं ।
  • इसने 1927 में गंगनहार का निर्माण करवाया था ।
  • गंगासिंह के द्वारा बीकानेर अधिनियम बनाया गाया था जिसे बीकानेर का काला कानून भी कहा गया था ।
  • इसको बीकानेर में काले पनि की सजा के लिए जाना जाता हीं ।
  • गंगा सिंह ने गांधी जी के पचवे पुत्र जमना लाल बजाज को बीकानेर में नहीं आने दिया।
  • इसने 2 गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था । 1930 ओर 1931 में ।
  • इसके पास ऊंटों की एक टुकड़ी थी जिसे गंगा रिसाला के नाम से जाना जाता था ।
  • गंगा सिंह ने प्रथम विश्व युद्ध में वर्सय की संधि ( 28 जून 1919 ) में भाग लिया था ।

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