Join Telegram Group (18k members) यहाँ क्लिक करें और जुड़िये
Instagram @reet.bser2022 अभी फॉलो कीजिए

RSMSSB Patwari Result 2022 – Normalization से छात्रों को हुआ अभ्यर्थियों को नुकसान

राजस्थान में लगातार सरकारी भर्तियों से जुड़े विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं रीट भर्ती परीक्षा के बाद पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर राजस्थान के बेरोजगारों ने सवाल उठाए हैं राजस्थान सरकार में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के नाम पर आरोप लगाए गए हैं एवं

हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है चूरू सीकरऔर झुंझुनू के बेरोजगारों का कहना है कि बोर्ड ने नॉर्मलआईजेशन के नाम पर चौथी पारी के कैंडिडेट के अंक 15 से 20 अंक कम कर दिए और इस वजह से वह नौकरी की दौड़ से बाहर हो गए हैं हालांकि कर्मचारी चयन बोर्ड ने इस मामले के लिए कमेटी का गठन किया है और बेरोजगारों के और उसे संशोधित परिणाम जारी करने की मांग उठाई गई है

5610 पदों पर भर्ती के लिए पटवारी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें 1040000 परीक्षार्थी शामिल हुए थे लेकिन नॉर्मलाइजेशन के फार्मूले के कारण चौथी पारी के अभ्यर्थियों को 15 से 20 अंकों का नुकसान हुआ और उनका आरोप है कि इस विज्ञप्ति में नॉर्मलआईजेशन से रिजल्ट का कोई जिक्र नहीं किया गया एवं 23 और 24 अक्टूबर 2021 को परीक्षा चार चरणों में कराई गई थी जिसके लिए लगभग 1600000 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था.

राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं मैं विवाद खत्म ही नहीं हो रहे हैं। जिस तरह reet 2021 का मुद्दा प्रदेशभर में छाया हुआ है उसी तरह अब पटवारी भर्ती परीक्षा पर भी संशोधित परिणाम जारी करने की मांग उठ रही है। साथी इस बार Patwari result 2022 में Normalization के आधार पर रिजल्ट जारी किया गया है. ऐसे में कैंडिडेट इस प्रक्रिया के चलते बाहर हो गए हैं, काबिल अभ्यर्थी किस तरीके से बाहर हुए हैं इसे हम निम्न बिंदुओं में समझ सकते हैं-

3 साल से तैयारी करने पर भी 15 नंबर कट गए?

आंसर की के अनुसार 225 नंबर आने पर भी नॉर्मल आई जेशन के कारण उनके अंक 210 की रह रहे हैं, ईडब्ल्यूएस की कटऑफ 210 गई है, लेकिन फाइनल कट ऑफ 10 अंक अधिक जाने की संभावना है. ऐसे में 15 नंबर कटने के बाद उनका पटवारी बनना एक सपना ही रह जाएगा.

सबसे बड़ा सवाल किया है कि Patwari Exam 2019 मैं चौथी पारी में सबसे कम छात्रों को शामिल किया गया है. एवं इस पारी के छात्रों के लगभग 10 से 15 अंक कम किए गए हैं.

बच्चों के Average Marks के माध्यम को यहां पर रखा गया है

Normalization क्या होता है?

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे यह पता लगाया जाता है के पेपर का स्तर कितना कठिन था, उदाहरण के तौर पर यदि किसी परीक्षा के पहले दिन पेपर कठिन था और किसी के 70 नंबर आए तो उसे सो नंबर के बराबर मान लिया जाता है एवं यदि दूसरा दिन पेपर बहुत आसान था तो 100 नंबर लाने वाले अभ्यर्थी को 70 नंबर दे दिए जाते हैं. यह प्रक्रिया नॉर्मल आई जेशन कहलाती है.

24 अक्टूबर 2021 के पटवारी परीक्षा में तीन सवाल को लेकर विवाद

24 अक्टूबर 2021 को हुए पेपर में शामिल अभ्यर्थियों ने तीन प्रश्नों के उत्तरों को लेकर भी सवाल उठाए हैं ऐसे में उनका आरोप है कि 3 प्रश्नों के सही उत्तर को भी बोर्ड ने गलत माना है, बोर्ड में शिकायत करने पर भी बोर्ड ने इसकी सुनवाई नहीं की है।

बेरोजगारों का आरोप: चौथे Shift का रिजल्ट केवल 13% ही रहा

बेरोजगारों का कहना है कि चौथी पारी के अभ्यर्थियों का परिणाम ना केवल 13 फ़ीसदी ही रखा बल्कि उनके नंबर भी कम कर दिए गए सभी शिफ्ट के कपड़े दियों के अंक बराबर पर लेबल करने चाहिए थे। जो पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित हैं उन्हें दूसरे कैटेगरी के कैंडिडेट से बढ़ने की आशंका जाहिर की जा रही है क्योंकि कैटेगरी वाइज रिजल्ट जारी नहीं किया गया रिजल्ट में भी पारदर्शिता की कमी है।

नंबर ज्यादा होने पर भी नॉर्मल आई जेशन ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से बाहर किया

जब आंसर की जारी की जाती है और नंबर 226 आए तो यह पूरी संभावना थी कि इस बार नियुक्ति मिल जानी चाहिए. लेकिन इस दोषपूर्ण प्रक्रिया के कारण नंबर 226 से सीधे 208 हो गए इस प्रकार 18 नंबर कम कर दिए गए नियुक्ति तो दूर की बात है, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से भी बाहर हो गए.

बोर्ड के मनमर्जी और बेरोजगारी के टूटते सपनों की हकीकत

  1. राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पटवारी परीक्षा में प्रथम पारी में 2.51 लाख परीक्षार्थी बैठे जिनमें से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 3922 विद्यार्थियों का चयन किया गया
  2. पटवारी भर्ती परीक्षा के द्वितीय शिफ्ट में 2.57 लाख विद्यार्थियों में से 3451 को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए सिलेक्ट किया गया
  3. इसके साथ ही तीसरे शिफ्ट में 266000 कैंडिडेट्स में से 2474 को यह सिलेक्ट किया गया
  4. चौथी पारी में 265000 कैंडिडेट्स में से 1485 कैंडिडेट्स को सिलेक्ट किया गया. इस प्रकार यह प्रतिशत 13% से भी कम था.
Image

यदि आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें एवं नीचे दिए गए नीले बटन से टेलीग्राम चैनल को जॉइन करें. आपका दिन शुभ हो. पटवारी भर्ती परीक्षा से जुड़े अपडेट के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल से जरूर जुड़े.